राजनीति की गांठें खोलती ‘देश कठपुतलियों के हाथ में’

Desh kathputliyon ke hath meinनीरज चौधरी

जहां एक ओर दौड़-भाग भरी जिंदगी और तमाम इच्छाओं की त्वरित पूर्ति के लिए दिन-रात खपती युवा पीढ़ी के लिए साहित्य, समाज, देश और राजनीति के विषय में सोचना, लिखना, पढ़ना जैसे दूर की कौड़ी हो गया है। वहीं ग्वालियर-चंबल की धरती पर जन्मे लोकेन्द्र सिंह राष्ट्र प्रेम की लौ अपने हृदय में शैशवकाल से जलाए आ रहे हैं, इसी की तड़प है कि वे कम उम्र में ही आज देश के प्रख्यात-ख्यातिलब्ध साहित्यकारों, पत्रकारों, ब्लॉगर्स की कतार में खड़े हो गए हैं।

पत्रकारिता की पाठशाला दैनिक स्वदेश, ग्वालियर से पत्रकारिता का क, ख, ग सीखने वाले लोकेन्द्र सिंह ने नईदुनिया, पत्रिका और  दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में लम्बे समय तक अपनी सेवाएं देकर पहचान बनाई। उनके समसामायिक विषयों पर आलेख, कविता, कहानी और यात्रा वृतांत देशभर के पत्र-पत्रिकाओं में अनवरत प्रकाशित होते रहते हैं। इस युवा पत्रकार और साहित्यकार ने लेखन जगत में एक महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनकी किताब ‘देश कठपुतलियों के हाथ में’ अभी हाल ही में प्रकाशित हुयी है।

सामाजिक, सांस्कृतिक, मीडिया और राजनैतिक मसलों पर लिखने वाले बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी, चिंतक, विचारक और ख्यातिलब्ध पत्रकार लोकेन्द्र सिंह की यह प्रथम कृति पठनीय साबित हो रही है। लेखक ने वर्तमान राजनैतिक परिदृश्य को बेहद सुंदर और भावपूर्ण अर्थ में समझाते हुए ‘अपनी बात’ में लिखा है कि ‘राजनीति कोई स्वर्णरेखा नाला जैसी है’ (ग्वालियर शहर के बीचों-बीच से निकला हुआ सबसे बड़ा नाला, जो कभी स्वर्णरेखा नदी हुआ करता था।) नाम अच्छा लेकिन चरित्र खराब। ऐसा इसलिए क्योंकि समाज के खास तबके द्वारा राजनीति को गन्दा बताया जाता है।’

लेखक की चिंतन शैली इस कदर जबरदस्त है कि उन्होंने अपने एक लेख में पहले ही पूर्वानुमान लगा लिया था कि अगर भाजपा नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करती है तो संभावना है कि मोदी के प्रधानमंत्री पद की घोषणा होते ही नीतीश कुमार राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) से नाता तोड़ लेंगे। उक्त बात महज़ कुछ दिनों के बाद अक्षरश: सत्य सिद्ध हुई। उम्मीद ही वरन् यकीन है कि पुस्तक ‘देश कठपुतलियों के हाथ में’ पाठकों के मानस पटल पर गहरा प्रभाव डालेगी, राजनीति को नजदीक से समझाने और उसके गंदे वातावरण से सचेत करने की दृष्टि से बेहद उपयोगी सिद्ध होगी।

(समीक्षक युवा पत्रकार और लेखक है। )

पुस्तक : देश कठपुतलियों के हाथ में
लेखक : लोकेन्द्र सिंह
संपर्क : lokendra777@gmail.com
मूल्य : 150 रूपये
प्रकाशक : स्पंदनई-31, 45 बंगले, भोपाल (मध्यप्रदेश) – 462003

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